अदाकारी में सबसे महत्वपूर्ण बात ‘टाइमिंग’ : वैभव मांगले

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Vaibhav Mangle from Mere Sai

सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के शो ‘मेरे साईं’ में कुलकर्णी का किरदार निभा रहे हैं वैभव मांगले । मांगले से हमने उनके किरदार एवं शो के बारे में जाना।

 

मेरे साईंमें आपने अपने किरदार को बहुत अच्छे-से निभाया है और दर्शकों को वह बहुत अच्छा लग रहा है। आपको यह कैसा लगता है?

मेरे साईं का हिस्सा बनना ही अपने आप में बेहतरीन अनुभव है। यह हिंदी टेलीविजन इंडस्ट्री में मेरा पहला शो है। मैं पहले से ही स्पष्ट था कि यदि हिंदी शो की स्क्रिप्ट और स्टोरीलाइन अच्छी आएगी तो ही मैं उसमें काम करूंगा। मुझे हमेशा लगता है कि दर्शकों ने आपके ऑन-स्क्रीन किरदार से जुड़ाव महसूस करना चाहिए। उनकी तारीफ आपको मिलनी चाहिए। जब मैंने कुलकर्णी का किरदार निभाया, लोगों ने बहुत तारीफ की। इसकी वजह से मेरे किरदार को मैं अच्छे से निभा सका। जब मैं प्रशंसकों से मिलता हूं तो वे मुझसे ‘हरि ओम’ कहलवाते हैं, जैसा कि मैं शो में कहता हूं। यह संतोषजनक है कि दर्शकों को आपका काम पसंद आ रहा है।

आपके पिछले किरदार चुटीले रहे हैं, ऐसे में आपको इस तरह का किरदार निभाने का मौका कैसे मिला?

मैंने इससे पहले महेश मांजरेकर की मराठी फिल्म ‘काकस्पर्श’ में उपाध्याय का किरदार निभाया था। वह काफी कुछ कुलकर्णी के किरदार जैसा ही है। उस फिल्म में मेरा चरित्र नकारात्मक था। उसमें वह नायक और उसके परिवार को परेशान करता था। मैंने शो के निर्माता नितिन वैद्य से बात की थी और उनसे पूछा था कि शो में मेरे लायक कोई भूमिका है, तब उन्होंने ही सुझाव दिया कि मैं कुलकर्णी की भूमिका कर सकता हूं क्योंकि मैंने पहले फिल्म में उपाध्याय का किरदार निभाया था। एक तरह से मुझे लगता है, आपने यदि पहले कोई छोटा या बड़ा, लेकिन अच्छा काम किया है तो वह लोगों के जेहन में रहता है। उसके आधार पर वह आपसे संपर्क किसी और किरदार के लिए संपर्क कर सकते हैं।

चुटीले या कॉमिक कैरेक्टर से एक खलनायक की भूमिका में खुद को ढालना कितना मुश्किल रहा?

मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि अदाकारी में सबसे महत्वपूर्ण बात है ‘टाइमिंग’। यदि हम मनोरंजन क्षेत्र के दिग्गजों, जैसे- उत्पल दत्त, नाना पाटेकर, परेश रावल या बोमन ईरानी, की बात करें तो कॉमिक और अन्य किरदार निभाने के दौरान उनकी टाइमिंग बहुत अलग होती है। आखिर में, हम सभी एक्टर हैं। मैंने इतना वक्त कॉमिक कैरेक्टर निभाए हैं तो कहीं न कहीं टाइमिंग हासिल कर ली है। कुलकर्णी के किरदार की बात करूं तो मैं थिएटर करियर में इस तरह के किरदार पहले भी निभा चुका हूं और उसने ही मेरी मदद की। मराठी शो में स्टैंड अप कॉमेडी करने के बाद मेरे लिए यह बहुत बड़ी चुनौती थी कि लोग मुझे नकारात्मक किरदार में स्वीकार करें। उन्हें भी उत्सुकता थी कि मैं टीवी पर किसी नकारात्मक किरदार को किस तरह निभाता हूं। शुरू-शुरू में मुझे भी थोड़ा डर लगा, लेकिन दर्शकों की तारीफ सुनकर अब वह भी काफी दूर जा चुका है।

इस समय शो में नशे की बुराइयों पर बात हो रही है और उस पर साईं के प्रवचन बताए जा रहे हैं। आजकल युवा भी बड़ी संख्या में नशे की चपेट में आ रहे हैं, ऐसे में व्यक्तिगत तौर पर आपका इस विषय पर क्या मानना है

मैंने कई मामलों में देखा है कि लोग पूरे-पूरे दिन नशा करते हैं। शाम को उठते हैं तो फिर से नशा करने के लिए। वे एक बेहद अजीब और भयावह जीवन जी रहे हैं। ये चीजें युवाओं को नष्ट कर रही हैं। मैं उन्हें यह बताना चाहूंगा कि जो लोग अपने जीवन में कुछ भी उपयोगी नहीं कर पाते हैं, वे ही इस तरह का रास्ता अपनाते हैं। वे एक अलग दुनिया में रहते हैं, जिसमें खुशी नहीं हैं। हमें अपने जीवन, महत्वाकांक्षाओं और उनहें पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। ऐसी समस्याओं में फंसने का क्या उपयोग, जहां वह व्यक्ति न केवल अपना बल्कि पूरे परिवार का जीवन तबाह कर देता है। नशा छोड़िए, अपने जीवन और पढ़ाई पर ध्यान दीजिए, आपको सफलता जरूर मिलेगी।

मेरे साईं ने अपने सफल 100 एपिसोड पूरे कर लिए  है। अब तक आपकी यात्रा कैसी रही है? शो को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है तो आपको क्या महसूस होता है?

मैं चाहता हूं कि शो 1,000 एपिसोड्स पूरे करें! साईं बाबा एक ब्रह्मांड के व्यक्ति हैं, जिनके करीब हर कोई जाना चाहता है। लोग नियमित रूप से शिर्डी जाते हैं और अलग-अलग तबकों-वर्गों के लोग साईं की आराधना करते हैं। साईं के आशीर्वाद से ही हमने  100 एपिसोड्स पूरे कर लिए है। मुझे भरोसा है कि हम 1,000 एपिसोड्स का आंकड़ा भी पार कर जाएंगे।

अबीर सूफी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? आप उनसे अपने रिश्ते के बारे में कुछ बताइए।

अबीर एक बेहतरीन व्यक्ति हैं। लीड कैरेक्टर के तौर पर यह उनका पहला शो है। वह यह किरदार कैसे निभाते हैं, उस पर ही उनका पूरा ध्यान रहता है। उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा है और लोगों को वे खूब पसंद भी आ रहे हैं। यहां तक कि मेरे घर पर मेरे बच्चे भी अबीर को देखकर खुश होते हैं। मुझे उनके जैसा किरदार न निभाने के लिए झिड़कियां भी मिलती हैं। वह एक अच्छे एक्टर हैं और मुझे पक्का भरोसा है कि इस शो में उनका प्रदर्शन उन्हें अपने करियर को काफी आगे ले जाने में मदद करेगा।

आप एक स्थापित मराठी अभिनेता हैं। इसके बाद भी यह आपका पहला हिंदी सीरियल है। आपने हिंदी शो से इतने समय तक दूरी क्यों बनाकर रखी?

मराठी इंडस्ट्री भी तेजी से उभर रही है। हिंदी मनोरंजन उद्योग की ही तरह वहां भी काम हो रहा है। मुझे इससे पहले भी हिंदी शो में काम करने का मौका मिला था, लेकिन वह मौके इतने बड़े नहीं थे। मैं हमेशा से ऐसा किरदार चाहता था, जो मुझे पहचान दिलाए। जो किरदार मेरे अनुसार बना हो। जो हिंदी दर्शकों के सामने मेरी प्रतिभा को प्रदर्शित करें। एक ऐसा किरदार जिस पर दर्शक नोटिस करें। मेरे साईं में कुलकर्णी के किरदार के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है। हिंदी सीरियल्स से दूर रहना कोई बहुत सोचा-समझा फैसला नहीं  था, लेकिन मेरे साईं में कुलकर्णी जे किरदार के लिए इंतजार था।

साईं को हमेशा उनके चमत्कारों के लिए जाना जाता है। क्या सेट पर कोई चमत्कार हुआ, जो आप हमसे साझा करना चाहेंगे? या ऐसा कोई पल जो बहुत खास रहा हो और आप रीडर्स से शेयर करना चाहते हैं

जब भी दर्शक हमारे सेट्स पर आते हैं, वह बेहद भावुक हो जाते हैं। हाल ही में मुझे अंडमान और निकोबार से कॉल आया और उस व्यक्ति ने मुझसे कहा कि उन्हें शिर्डी होने का अहसास होता है। एक दर्शक ने तो मुझसे यह भी कहा कि यदि साईं को इतनी समस्याओं का सामना अपने जीवन में करना पड़ा तो हम तो साधारण मनुष्य हैं। हमें भी अपनी जिंदगी में मुश्किलों से पार जाना होगा। शो एक बहुत अच्छा संदेश दे रहा है कि दैविक शक्ति वाले मनुष्यों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ा फिर नश्वर शरीर के साथ पैदा हुए हम लोगों को तो साहस के साथ उनका सामना करना चाहिए।

 

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