एक्टिंग हमेशा से ही मेरा शौक रहा : आशीष शर्मा

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Ashish Sharma in Prithvi Vallabh

शो ‘पृथ्वी वल्लभ’ में आशीष शर्मा मुख्य किरदार निभा रहे हैं। इस शो में काफी प्रखर और व्यापक एक्शन स्टंट्स की मांग है, जो शारीरिक रूप से थकाने वाले और काफी चुनौतीपूर्ण भी है। इस शो के लिए वे लगभग आठ महीनों से लगातार शूटिंग कर रहे हैं। हाल ही में घोड़े पर एक स्टंट के दौरान आशीष ने पीठ को चोट पहुंचा ली।  इस शो की शूटिंग राजस्थान और मुंबई में व्यापक रूप से की गई है। मुंबई के बाहरी हिस्सों में भी शूटिंग की है, जंगलों में और आसपास भी। उन्होंने हमसे इस शो में अपने किरदार और उनसे जुड़ी बातों को साझा किया।

शो पृथ्वी वल्लभके बारे में बताएं?

यह शो अपनी तरह का इकलौता और एक भव्य शो है। हम कुछ अलग बनाने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसा कुछ जो दर्शकों ने पहले कभी न देखा हो। टेलीविजन के लिए, इस तरह के प्रारूप का पहले कभी प्रयास भी नहीं किया गया है। सेट ओरिजिनल्स भारत में एक अलग प्रकार की कार्य संस्कृति ला रहा है, जहां शोज़ सीमित हैं, मूवी की तरह प्री-शॉर्ट किए जाते हैं, व्यापक रिसर्च की जाती है, माउंटिंग्स बड़ी हैं, स्तर बड़ा है, जहां लेखन और किरदारों को ज्यादा महत्व और प्रमुखता दी जाती है। यह राजा और युद्ध के बारे में बनाए गए आम ऐतिहासिक कार्यक्रमों की तरह नहीं है, इसमें किरदारों और विषय में गहराई है।

क्या आप हमें अपने किरदार के बारे में बता सकते हैं?

यह एक ऐतिहासिक किरदार है और परमार राजवंश का एक राजा है, जो मालवा क्षेत्र में राज करता है। उस काल से, हम सभी ने राजा भोज के बारे में सुना है और पृथ्वी वल्लभ उसी काल से संबंध रखता है और उसका अंकल था। पृथ्वी को एक महान योद्धा राजा के रूप में जाना जाता था, कला और साहित्य में जिसकी गहरी दिलचस्पी थी। वह एक कवि, एक संगीतकार और एक नर्तक भी था। उसके समय में, उसने कला और साहित्य को काफी प्रोत्साहित और प्रसारित किया था। उसके पड़ोसी राज्य में तैलप नामक राजा का शासन था, जिसकी मृणाल नाम की एक बहन थी। मृणाल को एक अतिक्रूर योद्धा राजकुमारी के रूप में जाना जाता था और वह कुछ निश्चित निजी कारणों से मालवा पर राज करना चाहती थी, जिसके बारे में दर्शकों को शो में पता चलेगा।

मुख्य किरदार निभाने को लेकर आपको कैसा महसूस होता है?

मैं काफी उत्साहित हूं, न केवल इस किरदार को लेकर बल्कि इस शो को लेकर भी क्योंकि यह पहली बार है जब हम भारतीय टेलीविजन पर दर्शकों के लिए कुछ अलग और ताजातरीन प्रस्तुत कर रहे हैं। यह टेलीविजन की पूरी संस्कृति में पूरी तरह से क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है, जो खुद में ताजा और अग्रसर है।

अपनी भूमिका के लिए आप किस प्रकार के प्रशिक्षण से गुजरे?

मैं घुड़सवारी और तलवारबाजी में अभ्यस्त हूं और भारी कपड़ों, हथियारों और ज्वेलरी भी अच्छे से वहन कर सकता हूं क्योंकि इससे पहले भी मैंने ऐतिहासिक शोज़ में काम किया है। लेकिन अब मैं इन्हें संभालने में बिल्कुल व्यावसायिक बन गया हूं। तैयारियों के संदर्भ में, मुझे इस बड़े शो के लिए काफी तैयारी करनी पड़ी और कई सारी उम्मीदें भी हैं, और प्रत्येक किरदार का निर्माण करने के लिए काफी सारी व्यापक रिसर्च भी की गई है। खास तौर पर मेरी बात करें, तो शारीरिक और मनोवैज्ञानिक बदलाव जरूरी था और कई सारी चीजों को एकत्रित किया गया है। इसमें काफी कड़ी मेहनत की गई है।

किरदार में रचनेबसने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ी?

हर एक्टर उस प्रत्येक किरदार या भूमिका के लिए रिसर्च करता है, जो वह निभाता है। इस मामले पर बहुत कम साहित्य उपलब्ध है इसलिए जो कुछ भी उपलब्ध था मैं उसे पढ़ता था। निर्माताओं ने इस किरदार में उपलब्ध सीमित साहित्य के अनुसार अपने क्रिएटिव इनपुट्स के आधार पर भी इस किरदार का काफी निर्माण करने की कोशिश की। हमने 5-6 महीने तक काम किया, हमारे पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर, हमने इस किरदार की आदतों और शारीरिक हाव-भाव का निर्माण करने और रूपरेखा तैयार करने में काफी काम किया है।

भारतीय योद्धा रेसलर्स/पहलवानों की तरह थे। इसलिए, मुझे अपना शरीर रूपांतरित करना पड़ा, ताकत बनानी पड़ी और मांसपेशियों के विस्तार और लचीलेपन को विकसित करना पड़ा। मैं हमेशा से ही दुबला रहा हूं और मुझे अपने एब्स भी छोड़ने पड़े। इसके अलावा, मुझे इस किरदार के सूफीपन को जीवंत करने के लिए अपने बाल भी लंबे करने पड़े। संवेदनशीलता के टच के साथ कपड़ों की सूक्ष्मता पर भी काफी ध्यान दिया गया, क्योंकि यह किरदार अपनी भावनाओं से जुड़ा हुआ है।

आउटडोर शूट के दौरान कोई अनुभव, जो आप हमसे साझा करना चाहेंगे?

आउटडोर शूट राजस्थान में किया गया था, मेरे होमटाउन में। कई सारे दृश्यों को उन जगहों में शूट किया गया जहां मैंने अपना ​बचपन बिताया, जिससे मुझे अपने बचपन की कई बातें याद आई और यह पूरा अनुभव काफी मजेदार और उत्साहजनक था। जब हमने शूटिंग शुरू की थी तब गर्मी का समय था। यहां भीषण गर्मी थी जो खुद में काफी चुनौतीपूर्ण था।

क्या आपको लगता है कि अब आप एक एक्शन हीरो बनते जा रहे हैं?

मैं काफी समय से एक्शन करता आया हूं, अपने पहले के शोज़ में भी। तो, मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं एक्शन में नया हूं। स्पष्ट रूप से, मैं एक्शन स्टंट्स का काफी आनंद लेता हूं और मैं मानता हूं कि कहीं न कहीं निर्माण भी यह मानते हैं कि मैं इसमें सफल हो सकता हूं और इससे न्याय कर सकता हूं। इसके अलावा, एक्शन और स्टंट्स, एक प्रकार से, मुझे बोलने और अपना सर्वश्रेष्ठ करने के लिए पूरा जोश देते हैं। टेलीविजन पर, दर्शकों को बहुत ज्यादा स्टंट और एक्शन देखने को नहीं मिलता है क्योंकि यह उचित रूप से सीमित हैं, और इनका बहुत ज्यादा स्कोप नहीं है। मैं मानता हूं कि दर्शकों को इस तरह का मनोरंजन देने का काफी स्कोप है और काफी अच्छा लगता है कि मैं खुद भी इसमें अपना थोड़ा सा सहयोग दे रहा हूं।

जब आप एक बड़े चैनल पर एक बड़े शो में काम करते हैं, तो क्या दबाव महसूस करते हैं?

मेरे ख्याल से हर व्यक्ति का इसे देखने और इसे ग्रहण करने का अपना खुद का नजरिया है। बिल्कुल शुरुआत से, निर्माताओं ने भूमिकाओं के साथ न्याय करने की मेरी क्षमताओं में विश्वास किया है। दबाव से ज्यादा, यह एक जिम्मेदारी है जो शो, इस किरदार को सफल बनाने और इसके साथ पूरा न्याय करने के लिए मायने रखती है। यहां बहुत कुछ दांव पर होता है और निर्माताओं के साथ ही साथ दर्शकों के पक्ष से भी काफी सारी निष्ठा और विश्वास होता है। हमेशा से अपनी पूरी कोशिश करना और अपना सर्वश्रेष्ठ देना ही मेरा प्रयास रहा है।

इस शो से आपकी क्या उम्मीद है?

हमें इस शो को लेकर काफी सारी आकांक्षाएं और उम्मीद हैं। इस शो के लिए काफी ऊंचे मानक और मापदंड स्थापित किए गए हैं। दर्शकों को इस शो में काफी सारी नई और अलग चीजें देखने को मिलेंगी। इस शो का निर्माण करने के लिए हम सभी ने और हमारी प्रोडक्शन टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया है। अब हम दर्शकों की प्रतिक्रिया और इस शो को स्वीकार किए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

आपके किरदार पृथ्वी और एक व्यक्ति आशीष के रूप में आपके बीच क्या समानता है?

मैं कहूंगा, बहुत! मनोवैज्ञानिक रूप से और चिंतन के संदर्भ में, मैं पृथ्वी का जो किरदार निभा रहा हूं, उसमें और मुझमें ढेर सारी समानताएं हैं। हम स्थिर और शांतचित्त के व्यक्ति हैं। पृथ्वी एक दयालु राजा था, जो हर किसी को एक-साथ लेकर चलने में विश्वास रखता था, उसकी संगीत, कला और साहित्य में गहरी दिलचस्पी थी। उसे कविता से काफी प्यार था और वह शांति और तालमेल में दृढ़ता से विश्वास करता था। अगर उकसाया जाए, तो पृथ्वी एक क्रूर योद्धा भी बन सकता था। असल जिंदगी में, मैं काफी कुछ पृथ्वी की तरह हूं। मुझे कविता पसंद है और मैं स्थिर और शांतचित्त व्यक्ति हूं। असल में, मेरे लिए यह किरदार निभाना काफी आसान था।

आपने एक्टिंग कैसे शुरू की? मैंने सुना है कि आप कवि हैं और आपके पिताजी भी।

मैं अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों से ही एक्टिंग और थियेटर में रहा हूं। लेकिन मैंने कभी भी इसे करिअर के विकल्प के रूप में गंभीरता से नहीं लिया, शायद इसलिए क्योंकि आप यह सब समझने के लिए काफी छोटे होते हैं और छोटे शहरों में, व्यक्ति इसे करिअर के एक गंभीर विकल्प के रूप में नहीं देखता है। एक्टिंग हमेशा से ही मेरा शौक रहा है। कॉलेज के दिनों में मुझे अहसास हुआ कि अगर यह एक ऐसी चीज है जो मुझे सबसे ज्यादा पसंद है, तो मुझे इसमें करिअर बनाने को गंभीरता से लेना चाहिए। चूंकि मेरे पिता भी एक क्रिएटिव व्यक्ति और कवि हैं, उन्होंने इसे स्वीकार किया और मुझे इसे आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। और, इस तरह से एक्टिंग में मेरे करिअर का सफर शुरू हुआ।

क्या यह सच है कि इस शो में आपकी कुछ कविताओं का भी इस्तेमाल किया गया है?

हां, यह सच है। अनिरुद्ध और मैं काफी सफल रहे हैं। वह कला और साहित्य एवं कविताओं में ​मेरी दिलचस्पी के बारे में जानते हैं। उन्होंने मेरी कुछ कविताएं भी पढ़ी हैं। यह ऐसे हुआ कि जब हम शुरुआत में पृथ्वी के किरदार पर चर्चा कर रहे थे, तो चूंकि इस किरदार और मेरे बीच कई सारी समानताएं थी, खास तौर पर कविताओं का हिस्सा, तो अनिरुद्ध ने सोचा ​कि शो में मेरा अपनी खुद की कविताएं पढ़ना बिल्कुल स्वाभाविक होगा। उन्होंने सोचा कि पृथ्वी के किरदार के माध्यम से मेरा कविताओं की अपनी स्वाभाविक प्रतिभा को प्रदर्शित करना उचित होगा। वहां से चीजें काफी तेजी से आगे बढ़ी। और शूट के दौरान जब भी मेरी स्क्रिप्ट या कविता में एक या दो लाइन को बेहतर करने का मौका मिला, मैंने ऐसा किया। यह एक प्रकार का पैटर्न बन गया है और सबसे अच्छी बात यह है कि यह प्रासंगिक है।

इस शो से दर्शक क्या उम्मीद कर सकते हैं?

इस शो में काफी सारी नई चीजें हैं। यह शो हर क्षेत्र में नए मापदंड स्थापित करेगा। भले ही वह प्रोडक्शन हो या सेट्स, चरित्र-चित्रण, कथानक, विजुअल्स, कॉस्ट्यूम्स। इस शो की श्रेणी भव्य है, इस शो का पूरा अहसास और प्रदर्शन बेहद अलग और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होगा, जो भारतीय टेलीविजन पर पहले कभी नहीं देखा गया है। किरदार और उसके रूप से संबंधित छोटी-छोटी बातों पर भी काफी ध्यान दिया गया है, कुछ अलग बनाने के लिए काफी कोशिश की गई है।

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