खुद को खुशकिस्मत मानती हूं : रिया शर्मा

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riya sharma

‘इतना न करो मुझसे प्यार’ में निशी खन्ना के किरदार से प्रसिद्धि पाने वाली रेहा शर्मा का जन्म 17 नवंबर, 1994 को मुंबई में हुआ। आजकल ‘तू सूरज मैं सांझ पिया’ में जो ‘दीया और बाती हम’ का सिक्वल है, में कनक राठी का बखूबी किरदार निभा रही हैं। अपने इस नये किरदार से वे काफी खुश हैं। शो में काम करने के बारे में कहती है कि उन्हें काफी मजा आ रहा है। इस किरदार को निभाने के लिए लोगों का प्यार भी उन्हें काफी मिल रहा है। हमने उनसे शो और किरदार के बारे में जाना।

‘तू सूरज मैं सांझ पियाजी’ शो में कनक राठी के अपने किरदार के बारे में कुछ बतायें?

कनक राठी आधुनिक होते हुए भी जमीन से जुड़ी हुई है, स्वतंत्र होते हुए भी परिवार को तवज्जो देती है, जिससे वह आपको अपने माता-पिता दोनों की याद दिलाती है। कनक की अपनी खुद की खूबियां हैं, जिन्हें देखना दर्शकों के लिये दिलचस्प होगा। शो जैसे-जैसे आगे बढ़ता जायेगा, वह सामने आता जायेगा। कनक हमेशा इस बात पर भरोसा करती है कि किसी को भी किसी का जीवनसाथी बनने के लिये खुद को बदलते रहना चाहिये। यही चीज वह खुद पर भी लागू करने की कोशिश करती है और उमा शंकर से भी बदलाव की उम्मीद करती है। शो के आगे बढ़ने के साथ कनक का किरदार भाभो का प्यार पाने की चाहत रखने वाली पोती से एक पत्नी में बदल गया है, जो अपने पति की सुरक्षा चाहती है।

शो में कौन-सा नया ट्रैक आ रहा है?

शो में आने वाला नया ट्रैक वाकई बहुत रोमांचक है, चूंकि पूरी कहानी बदल रही है, इसलिये हमने नये ट्रैक का ज्यादातर हिस्सा बैंकॉक में शूट किया है। इस कहानी में मासी (सादिया सिद्धिकी) उमा की दवाइयां लेकर बैंकॉक भाग जाती हैं और मधुरा की मौत का इल्ज़ाम उमा के सिर पर आ जाता है। यही वह समय होता है जब कनक, उमा का साथ देने और उसकी बेगुनाही साबित करने का फैसला करती है। वे सभी मासी का पर्दाफाश करने के लिये बैंकॉक पहुंचते हैं। यह पहली बार है कि कनक और उमा शंकर एक साथ विदेशी धरती पर किसी एक चीज के लिये लड़ रहे हैं।

उमा की जिंदगी में कनक का क्या महत्व है, जैसा कि हमने देखा कि कनक ने उमा की बेहतरी के लिये उसे पूरी तरह बदल दिया है?

शो का मूल तत्व जीवनसाथी रहा है। जब कोई अपना लाइफपार्टनर/जीवनसाथी चुन रहा होता है तो एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल की तलाश करता है- जैसे सूरज के लिये संध्या। कनक एक प्रेरक ताकत बन रही है, वह उमा (जो कभी अपने शहर से भी बाहर नहीं गया) को उसकी भलाई के लिये उसके कम्फर्ट जोन से बाहर निकालती है। उमा शंकर जो कभी लाडनू से बाहर नहीं गया, वह कनक की नजरों से पूरी दुनिया को देख रहा है। ‘दीया और बाती’ में कनक के माता-पिता; सूरज और संध्या सही मायनों में एक-दूसरे का हर परिस्थिति में साथ देते थे। अब उनकी बेटी कनक उनके नक्शेकदम पर चलते हुए मासी का पर्दाफाश करने में उसका साथ देकर, उमा शंकर की सच्ची जीवनसंगिनी बन रही है।

बैंकॉक में शूटिंग करना कितना रोमांचक रहा?

बैंकॉक में शूट करना बहुत ही मजेदार रहा। हमने कई सारी जगहें देखीं, जैसे पटाया की सड़कों पर हम खूब घूमे, यह बहुत ही चर्चित जगह है। इसके बाद हमने बीच और तैरते हुए मार्केट में शूटिंग की। वह बहुत ही बेहतरीन अनुभव था क्योंकि वहां लोग वाकई बहुत जोशीले और अच्छे हैं। खाना बहुत ही मजेदार है। मैंने अपने परिवार और दोस्तों के लिये शॉपिंग की।

आपके लुक में क्या बदलाव आया है और क्यों?

दर्शक कनक को सुनहरे बालों में देख पायेंगे और ट्रैक के अनुसार, उमा के पास पासपोर्ट नहीं है और कनक उसे बिना पासपोर्ट के बैंकॉक पहुंचने में मदद करती है। कनक, डायना के रूप में नजर आयेगी और उमा, हरप्रीत नाम के सरदार के रूप में नजर आयेंगे। उन्होंने मासी का पर्दाफाश करने के लिये अपना लुक बदला है। उन्हें सब कुछ करना पड़ता है, क्योंकि जब वे बैंकॉक पहुंचते हैं तो उन्हें वहां उम्मीद से ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

क्या आपका किरदार बॉलीवुड के किसी कलाकार या फिक्शन किरदार से प्रेरित है?

पहले मैंने कुछ सीक्वेंस किये हैं, जो बॉलीवुड के कलाकार से प्रेरित रहे हैं। जैसे हाल ही में मेरा एक सीक्वेंस ‘तनु वेड्स मनु’ की कंगना से प्रेरित था, जहां मैंने घनी बावरी गाने पर डांस किया था। डायना का मेरा किरदार पूरी तरह असली है (हंसते हुए) किसी से भी प्रेरित नहीं है और इस लुक को तय करने से पहले हमने 10-11 लुक ट्राय करके देखा था। मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारे दर्शकों को यह पसंद आयेगा।

आप और किन प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं?

मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं कि मुझे ‘तू सूरज मैं सांझ पियाजी में’ इतनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का मौका मिला। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान केवल इस शो पर ही है।

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