टीवी उद्योग को सैल्यूट : सुप्रिया पिलगांवकर

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Supriya Pilgaonkar and Abeer Soofi from Mere Sai

मेरे साईं में सुहासिनी का किरदार स्वीकार करने का क्या कारण था?
टीवी शो मेरे साईं में साईं की जीवन यात्रा को बेहद सुंदर तरीके से व्यक्त किया गया है। इस शो को करने की मेरी वजह बेहद सिम्पल है। मैं इस खूबसूरत कहानी का हिस्सा बनना चाहती थी। बहुत कम लोगों को पता है कि मेरी नानी को व्यक्तिगत तौर पर साईं बाबा का आशीर्वाद मिला था। इस वजह से मैं खुद को साईं के काफी करीब समझती हूं। यह एक बहुत ही पुरानी घटना है जो 1913-14 में घटित हुई थी। इसने शो में शामिल होने के मेरे फैसले को प्रभावित किया। इस शो में महान संदेश है, जो सभी के लिए करुणा और दया रखने को प्रचारित करता है। मैं इसे पहले एपिसोड से नियमित रूप से देख रही हूं। चरित्रों के दर्शन और व्यक्तित्व ने मुझे अपील की, जिससे मुझे इस शो का हिस्सा बनने के लिए बढ़ावा मिला।
मेरा ऑनस्क्रीन चरित्र सुहासिनी का है। वह एक नास्तिक है, जिसकी साईं से मुलाकात के बाद पूरी जिंदगी ही बदल जाती है। साईं खुद ही उन्हें भक्ति और समर्पण का मतलब समझाते हैं।

क्या आप साईं बाबा के साथ अपने संबंध को विस्तार से बता सकती हैं और उनकी शिक्षाओं ने आपके जीवन को कैसे बदला है?
जैसा कि मैंने पहले उल्लेख किया, मेरी नानी ने साईं से स्वयं आशीर्वाद लिया था। इस वजह से हमारे परिवार में साईं के प्रति अटूट विश्वास और आस्था है। इसके अलावा, मुझे दृढ़ता से विश्वास है कि वह वास्तव में धन्य हैं। साईं का अनुग्रह और आशीर्वाद नानी की पूरी वंशावली को हासिल हुआ है। सिर्फ साईं के जीवन पर बने इस शो को देखने के बाद मैं कभी नहीं कहूंगी कि मैं उनकी भक्त हूं। मेरे गुरु की शिक्षाएं साईं बाबा के समान ही हैं, क्योंकि सभी पवित्र संत अपने अनुयायियों को शांति और ज्ञान की दिशा में आगे बढ़ने के निर्देश देते हैं। मुझे लगा जैसे मेरे गुरु साई के माध्यम से मुझ तक पहुंच रहे हैं, जिसकी वजह से शो के साथ मेरा एक मजबूत संबंध स्थापित हुआ।

इस शो के लिए क्या आपको किसी खास तरह की तैयारी से गुजरना पड़ा?
इमानदारी से कहूं तो मुझे तैयारी के लिए वक्त ही नहीं मिला। सच कहूं तो मुझे अलग ही तरह से इस भूमिका के लिए खुद को तैयार करना पड़ा। मैं इस शो को निरंतर देख रही हूँ और साईं का अनुसरण करती हूँ। जिस क्षण साईं मेरे सामने आए, मुझे उन्हें डांटकर भगाना था। गुस्सा दिखाने के लिए मुझे गुस्सा दिखाना चाहिए था। मैं सही मायने में साईं को मेरे दिल की गहराइयों से पूजती हूँ और एक एक्टर होने के नाते साईं का अवतार को चित्रित कर रहे किसी कलाकार पर गुस्सा करना मेरे लिए बहुत बड़ी चुनौती थी।

यह रोल आपके पहले निभाए चरित्रों से किस तरह अलग है?
हां, यह शो मेरे पहले निभाए किरदारों से बिल्कुल अलग है। यह कई मायनों में एक पीरियड ड्रामा की तरह है। इस तरह के शो का हिस्सा बनने के बाद मैं तरोताजा और भक्ति से सराबोर महसूस कर रही हूँ। यह बेहद उत्साहवर्द्धक है। हम मेरे साईं के सेट पर शूटिंग कर रहे हैं। पुराने समय की शिर्डी को आकार दिया गया है, जिससे पूरा माहौल सकारात्मक बन पड़ा है। शो की कहानी के जरिये बेहद अच्छा संदेश दिया जा रहा है। यह केवल दर्शकों के मनोरंजन तक सीमित नहीं है। मैं हमेशा से यह सुनिश्चित करती हूं कि जो भी प्रोजेक्ट मैं करूं, वह उन ऑडियंस को संदेश भी प्रदान करता है जो उनके स्व-सुधार के साथ ही मेरे लिए भी सुधार में सहायता करते हैं।

वास्तविक जीवन में एक मां होने के नाते, एक ऐसी माँ की भूमिका को चित्रित करना कितना मुश्किल था, जिसने अपने बच्चे को खो दिया है?
यह निश्चित तौर पर एक मुश्किल काम था। मेरा इसका वास्तविक जीवन अनुभव नहीं है। लेकिन मैं निश्चित रूप से एक माँ के दर्द को समझ सकती हूँ, जिसने हमेशा के लिए अपने बच्चे को खो दिया है। उसे किस दर्द को जिंदगीभर भुगतना होगा और यह कैसे उसकी मानसिकता को प्रभावित करेगा। जब मैंने स्क्रिप्ट और मेरे चरित्र को भावुक उथल-पुथल के साथ पढ़ा, तो मेरी आंखों में आंसू आ गए। मैंने जाना कि सुहासिनी का किरदार काल्पनिक नहीं है। हम सभी ऐसी महिलाओं से मिले हैं जिन्हें इस अपूरणीय हानि का सामना करना पड़ा।

एक ऐसे सेट पर काम करने पर कैसा महसूस होता है जिसमें निर्माता ने शिर्डी का पुन: निर्माण किया है?
निर्माताओं ने सेट को हर तरह से खूबसूरती के साथ तैयार किया है। हालांकि, मौसम चिंता का कारण है। हम हर समय आउटडोर ही शूट करते हैं और धूप बहुत होती है। मैं पूरी तरह अलग, बंद सेट पर काम करने की आदी हूं और यह पहली बार है कि मैं एक ऐसे सेट पर शूटिंग कर रही हूं जो पूरी तरह से आउटडोर है। लेकिन यह मुझे परेशान नहीं करता क्योंकि साईं कहते हैं कि हर चुनौती का सामना हमें मुस्कुराहट के साथ करना चाहिए और मुझे पता है कि मैं इस शो में मेरा किरदार सफलतापूर्वक निभाने के काबिल हूँ।

कुछ रंग प्यार के, ऐसे भी… आपका पिछला शो था, जिसमें आपकी भूमिका की खूब तारीफ हुई थी। आप मेरे साईं का हिस्सा बन रही हैं तो इसमें आपके पिछले को-स्टार्स के क्या विचार हैं?
कुछ रंग प्यार के, ऐसे भी… को बहुत लोगों ने पसंद किया। पूरी टीम को ही दर्शकों का प्यार और लगाव मिला। मैं अभी भी सभी सह-कलाकारों से संपर्क में हूं और जब मैंने सुहासिनी के किरदार के लिए शूटिंग शुरू की, मैंने सेल्फी क्लिक की और शाहिर के साथ उसे शेयर किया। उन्होंने मुझे नए किरदार के लिए बेस्ट ऑफ लक बोला। वह इस समय इंडोनेशिया में शूट कर रहे हैं। मुझे यकीन है कि मेरे सभी सह-कलाकार चकित रह जाएंगे जब उन्हें पता चलेगा कि मैं यह रोल कर रही हूं क्योंकि मैंने उन्हें कहा था कि मैं कुछ दिनों के लिए आराम करना चाहती हूँ।
मेरे साईं एक ऐसा शो है जो साईं बाबा की शिक्षा द्वारा करुणा और दया का प्रचार करता है।
साईं का सबसे महत्वपूर्ण संदेश है- श्रद्धा और सबूरी। इस शो के जरिये इस संदेश को सभी दर्शकों तक पहुंचाया जा रहा है। यह एक बेहद आसान संदेश है, जो हमारे जीवन के हर पहलू और हर क्षेत्र में लागू होता है। एक बार हम उनकी शिक्षा पर अमल करना शुरू कर देते हैं तो साईं हमारे जीवन में होने वाली बाकी सभी बातों का ध्यान खुद रखने लगते हैं।

आप लंबे समय से टीवी उद्योग का हिस्सा रही हैं। कंटेंट और दर्शकों से जुड़े रहने के संदर्भ में टीवी उद्योग कैसे विकसित हुआ है?
वैश्विक मनोरंजन के आगमन के साथ, दुनिया भर के दर्शक अब भारतीय टेलीविजन देख रहे हैं। अलग-अलग पसंद, संवेदनशीलता और जुड़ाव वाले लोग टीवी देख रहे हैं। विभिन्न तरीकों से सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं। मैं भारतीय टीवी उद्योग को सैल्यूट करती हूं जो इस तरह के विशाल दर्शकों के लिए शो बना रहा है। मैं यह भी जोड़ना चाहूंगी कि व्यक्तिगत तौर पर मैं एक ऐसा शो देखना चाहूंगी जो अच्छा संदेश देता है, जैसे- मेरे साईं, रामायण, महाभारत। इसके बाद भी मैं भारतीय टीवी उद्योग के विशाल सर्किट में काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को बधाई देना चाहती हूं जो इसमें किसी न किसी तरह से विशेष योगदान दे रहे हैं।

हमें सह-कलाकारों के साथ अपने संबंध के बारे में बताइएं?
हमारे सेट्स पर बहुत सकारात्मक और जीवंत माहौल है। मैंने इससे पहले भी टोरल के साथ काम किया है, जहाँ मैंने उसकी माँ की भूमिका निभाई थी। हमने 4 से 5 दिनों की एक संक्षिप्त अवधि के लिए एक साथ शूट किया था। वह एक सुंदर अनुभव था। टोरल एक बेहतरीन व्यक्ति और कलाकार हैं। हम शूटिंग के दौरान बहुत समय साथ बिताते हैं। मैं उसके आसपास रहना पसंद करती हूं क्योंकि वह बायजा का किरदार निभा रही है, जो अपने आप में खास है। मैं शुरू में अबीर से मिलना नहीं चाहती थी क्योंकि मुझे लगता था कि उनके किरदार की वजह से मैं उनसे प्रभावित हो जाऊंगी। लेकिन फिर मुझे लगा कि मुझे यह करना ही होगा और हम अपने शूट के साथ आगे बढ़े। दिलचस्प बात यह है कि मुझे शूटिंग करते समय साईं को डांटना मुश्किल लग रहा था। मैंने मानसिक रूप से खुद को एक फ्रेम में रखा था जिसमें मैंने खुद को साई बाबा के साथ एडिटेड शो में बात करते हुए देखा और चीजों पर चर्चा करते हुए महसूस किया कि मुझे पूरी शूटिंग पूरी करनी है! सभी कलार बेहद शानदार काम कर रहे हैं और उनके ऑन-स्क्रीन चरित्रों को निभा रहे हैं।

क्या कोई अन्य प्रोजेक्ट पाइपलाइन में है?
हाँ, कुछ प्रोजेक्ट पाइपलाइन में है। मैं जल्द ही फिल्म की शूटिंग करने वाली हूं। ऐसे प्रोजेक्ट्स जो मुझे बहुत ज्यादा समय तक व्यस्त नहीं रखेंगे और खुद के लिए समय देंगे। मैं अपने प्रोजेक्ट्स के बीच में ब्रेक्स लेना पसंद करती हूँ।

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