Struggle का अलग ही मजा : Kartik Aaryan

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Kartik Aaryan enjoy the struggle

Kartik Aaryan enjoy the struggle

रोमांस की परिभाषा आपके लिए क्या है ?

रोमांस की परिभाषा बस बता रहा हूं। जो सच है वही बता रहा हूं। लोग मुझे रोमांटिक हीरो भी कहने लगे हैं । फिल्म का ट्रेलर भी अलग है, और लोगों को बहुत पसंद आ रहे हैं। मैंने फिल्म में काम तो किया है पर देख नहीं पाया हूं।

Kartik Aaryan enjoy the struggle

फिल्म का प्लाट काफी अलग है ?

ये फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा, इसमें आपका मनोरंजन बहुत होगा। फिल्म में सबकुछ नया मिलने वाला है। ऐसा आपने पहले कभी नहीं देखा होगा। लिखावट भी काफी अलग है।

Kartik Aaryan enjoy the struggle

मोनोलॉग है ?

हां, लोग मुझसे पूछ रहे हैं की क्या इस फिल्म में भी मोनोलॉग है की नहीं, वो आपको फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा। फिल्म रिलीज होने दीजिये तभी पता चलेगा।

Kartik Aaryan enjoy the struggle

लगता है की इस तरह की कहानी के आप मास्टर बन गए हैं ?

देखिये मैं और लव सर इस तरह की फिल्म अकेले ही बनाते हैं, कोई कॉम्पिटिशन नहीं है। भाग्य का साथ मिल रहा है। हम खुश हैं की लोगों को वो मिल रहा है जो वो चाहते हैं । इस तरह की फिल्म मैं हमेशा करता रहूंगा।

किरदार कितना अलग है ?

देखिये पंचनामा का रज्जो और इस फिल्म का सोनू , काफी अलग हैं। दोनों में कोई भी समानता नहीं है। किरदार के लिए मैं काफी वर्कशॉप करता हूं। मेरे हर किरदार की अलग जर्नी है।

Kartik Aaryan- Sunny Singh & Nushrat Bharucha

8 साल से आप लव रंजन के साथ काम कर रहे हैं ?

मैं उन्हें और वो मुझे ग्रांटेड ही लेते हैं। मैं उनके लिए एक पंचनामा बेबी हूं। मुझे काफी तराशा है। हम दोनों के लिए वो पहली फिल्म थी। एक अलग तरह का रिलेशन है।

इंडस्ट्री में दरवाजे खुल गए हैं ?

बहुत से दरवाजे खुल गए हैं, लेकिन उसी समय में एक और फिल्म करते हुए मैं प्राथमिकता एक ही फिल्म को दे पाता हूं।

सफलता के साथ विफलता भी मिलती है ?

मैंने हमेशा से ही एक तरह की फिल्में नहीं करने के फैसले में था। कई बार सफलता के साथ विफलता भी मिलती है। कांची फिल्म में भी एक रोमांटिक हीरो का काम था। वो महिला प्रधान फिल्म थी, सुभाष है साहब के साथ काम करना था। मुझे विलेन के भी हीरो मिले हैं, लेकिन एक टाइम पर एक ही फिल्म का चयन हो पाता है।

विलेन का काम मिला तो करेंगे ?

हां, जरूर करना चाहूंगा, शाहरुख सर ने डर फिल्म में बहुत अच्छा विलेन का किरदार निभाया था, मैं भी उस तरह की फिल्म करना चाहूंगा।

जर्नी को कैसे देखते हैं ?

मैं ग्वालियर से आया हूं, मुंबई में स्ट्रगल का अलग ही मजा है , खुद के पैसों से कार खरीदने की ख़ुशी अलग ही होती है। सबकी अपनी जर्नी है, मुझे अपनी जर्नी पसंद आयी। मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं।

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