अभिनेत्री नीतू चंद्रा की फिल्म ‘Deswa’  डिजिटल चैनल नियो बिहार पर रिलीज के लिए तैयार

0
760
neetu in Deswa

निर्माताओं का मकसद, वैश्विक दर्शकों तक बेहतर कंटेंट वाली भोजपुरी सिनेमा पहुंचा कर लाएंगे क्रांति

मुंबई: अभिनेत्री-निर्माता नीतू चंद्रा 23 दिसंबर 2017 को विश्वभर में अपनी भोजपुरी प्रोडक्शन ‘Deswa’ को रिलीज करने जा रही है. इस फिल्म को शाम 7 बजे यूट्यूब पर डिजिटल चैनल नियो बिहार के जरिए रिलीज किया जाएगा. ‘देसवा’ पहली भोजपुरी फिल्म है, जिसे 16 अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों में प्रदर्शित किया गया है. ये पिछले 54 साल के दौरान पहली भोजपुरी फिल्म भी है, जिसे इंडियन पैनारोमा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (आईएफएफआई), गोवा के लिए चुना गया है.

निर्माता नीतू चंद्रा के अनुसार, “‘देसवा’ जैसी फिल्म के लिए आवश्यक है कि इसे हिंदी बाजार सहित विश्व स्तर पर रिलीज किया जाए. डिजिटलीकरण के दौर में हमने डिजिटल चैनल ‘नियो बिहार’ पर फिल्म को रिलीज करने का फैसला लिया है, ताकि हम लाखों लोगों तक पहुंच सकें. फिल्म को अंग्रेजी सब टाइटल के साथ रिलीज़ किया जाएगा, ताकि दुनिया के किसी भी हिस्से के लोग इसे देख सकें. दुनिया भर के लोग बेहतर कंटेंट वाली भोजपुरी फिल्म देख सके, ये काफी महत्वपूर्ण है.”

निर्माताओं का मानना ​​है कि देसवा को डिजिटली रिलीज करने से ये भारत और दुनिया भर के पारंपरिक भोजपुरी और गैर भोजपुरी दर्शकों तक पहुंच सकेगी. इसके जरिए ये फिल्म नौकरशाहों से ले कर खेत में काम करने वाले मजदूरों तक पहुंच जाएगी.

नीतू चंद्रा महसूस करती है कि बेहतर और नए रूप में भोजपुरी सिनेमा पेश कर के बिहार के लोगों को गर्व महसूस करने का एक और कारण दिया जा सकता है. ये वैसी फिल्म है, जो उन दर्शकों के लिए होगी, जो अब तक परोसी जा रही फिल्मों से अलग कंटेंट चाहते है. “ये लोग ही है जो अगर ये महसूस करे कि बिहार में या बिहार से बाहर बनी फिल्में भी बेहतर कंटेंट के साथ बनाई जा सकती है, तो इससे बेहतर सिनेमा के लिए नए रास्ते खुलेंगे.”

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिल्म देखकर नीतू चंद्रा के प्रयासों की प्रशंसा की थी और फिल्म की प्रशंसा करते हुए कहा, “मुझे देसवा बहुत अच्छी लगी. इस फिल्म में बिहार के लोगों द्वारा झेले जा रहे बेरोजगारी सहित विभिन्न समस्याओं को दिखाया गया है. फिल्म में इस तथ्य पर ध्यान केंद्रित किया गया है कि लोगों को रोज़गार के लिए कैसे रोज-रोज संघर्ष करना पड़ता है. हिंसा या अपराध को महिमामंडित किए बिना, ये फिल्म बहुत सूक्ष्म तरीके से बिहार की स्थितियों को दिखाती है. फिल्म किसी भी तरह से आक्रामक नहीं होती है. इसके संगीत और गीत काफी अर्थपूर्ण हैं. मैं हर किसी को ये फिल्म देखने की सलाह देता हूं. ये शानदार तरीके से बनाई गई एक शानदार फिल्म है और मैं इसके लिए नीतू चंद्रा और उनकी पूरी टीम को बधाई देना चाहता हूं.”

फिल्म के कलाकारों में उन नए चेहरों को शामिल किया गया हैं, जो बिहार के थिएटर से जुड़े हुए हैं. बिहार में पूरी फिल्म शूटिंग करने के पीछे नीतू चंद्रा का ये विचार था कि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. उनका मानना ​​है कि फिल्म निर्माण के काम को आजीविका के रूप में माना जाना चाहिए. उनका मकसद है कि बेहतर कंटेंट के साथ भोजपुरी फिल्म व्यवसाय को बढ़ावा दिया जाए.

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक नितिन चंद्रा ‘देसवा’  के लेखक और निर्देशक हैं. नितिन चन्द्रा, नीतू चंद्रा के भाई भी हैं. नितिन चन्द्रा ने दिबाकर बनर्जी और तनुजा चंद्रा को असिस्ट भी किया है. भाई-बहन की इस जोड़ी ने साफ-सुथरी, क्लासिक और बेहतर कंटेंट के वाली भोजपुरी फिल्म बना कर और इसे वैश्विक दर्शकों तक पहुंचा कर भोजपुरी सिनेमा में क्रांति लाने का काम किया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here