Porus ने व्यक्तित्व को नए आयाम दिए : रति पांडे

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Anusuya in porus

खूबसूरत और प्रतिभाशाली रति पांडे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन की सबसे प्रती​क्षित ऐतिहासिक
महाकृति ‘Porus’ में पोरस की मां अनुसूया का किरदार निभा रही हैं। अनुसूया अपने व्यक्तित्व के कई
आयामों व परतों के साथ प्रमुख किरदारों में से एक होगा — एक रानी, योद्धा और मां। हमने रति से
उनके किरदार और भारतीय टेलीविजन पर पहली एक मां का किरदार निभाने को लेकर उनके दृष्टिकोण
के बारे में ज्यादा जानने के लिए संपर्क किया। उनसे हुई बातचीत के कुछ अंश:
पोरस में अनुसूया के अपने किरदार के बारे में हमें बताइए।
अनुसूया तक्षशिला की राजकुमारी है (जो बाद में बामनी से शादी करेगी) जो पोरस की मां बनेगी। वह
अपने व्यक्तित्व के कई आयामों व परतों के साथ प्रमुख किरदारों में से एक होगा — एक रानी, योद्धा
और मां। वह पोरस का व्यक्तित्व बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जो बाद में भारत का पहला
रक्षक बनेगा। मुझे विश्वास है कि लोगों को निश्चित रूप से यह शो पसंद आएगा क्योंकि इसके लिए
हमने ढेर सारी कोशिशें और कड़ी मेहनत की है। यह मेरा ऐतिहासिक शो है जहां मैं एक महत्वपूर्ण
किरदार निभा रही हूं।

इस शो में अनुसूया का किरदार कितना महत्वपूर्ण है?
जैसा कि मैंने पहले भी कहा, अनुसूया इस शो के महत्वपूर्ण किरदारों में से एक है। निश्चित रूप से यही
कारण है कि मैंने इस किरदार को चुना। मैं स्वास्तिक प्रोडक्शंस एवं एसकेटी (सिद्धार्थ कुमार तिवारी)
की हमेशा आभारी रहूंगी कि उन्होंने पहले मुझे कास्ट किया और अनुसूया की भूमिका के साथ न्याय
करने के लिए मुझ पर और ​मेरी क्षमताओं पर विश्वास किया।

आप इतनी युवावस्था में एक मां का किरदार निभा रही हैं, इस बारे में आपका क्या विचार है?
यह काफी अजीब बात है कि, ज्यादातर लोग मुझसे यह पूछते हैं। वे यह देखते हैं कि मैं एक महान राजा
की मां की भूमिका निभा रही हूं लेकिन यह नहीं देखते कि यह एक योद्धा का किरदार भी है। पोरस
अपने अस्तित्व का श्रेय अपनी मां को देता है। मेरे ख्याल से यह एक मिथक है कि, जब आप एक मां
का किरदार लेती हैं, तो मुख्य भूमिकाएं आपके पास आसानी से आ सकती हैं। एक एक्टर के रूप में,
व्यक्ति को एक निश्चित किरदार तक या एक उम्र की सीमा तक सीमित होकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि
ऐसी भूमिकाएं खोजनी चाहिए जो उनकी कलात्मक हिस्से के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करें।

इस किरदार के लिए आपको किस तरह की तैयारियां करनी पड़ी?
मैंने घुड़सवारी, तैराकी, अंडरवॉटर प्रशिक्षण, तलवारबाजी और कई एक्शन आधारित स्टंट सीखे हैं।
व्यक्तिगत तौर पर, मैंने इन प्रशिक्षणों को काफी मजे से किया क्योंकि यह मुझे बहुत सी नई चीजें

सीखने का मौका दे रहे थे। इस शो की शूटिंग असली स्थानों में की गई है। मैं ईमानदारी से कहूंगी कि
आरंभ में ढेर सारे मेकअप के साथ, भारी परिधान और ज्वेलरी को पहन के रखना मेरे लिए बहुत मुश्किल
था। खास तौर पर, इस बात को ध्यान रखते हुए कि असल जिंदगी में, मैं बहुत ज्यादा ज्वेलरी पहनने
वाली इंसान नहीं हूं। लेकिन अब मुझे इसकी आदत हो गई है और औसत रूप से, मुझे अपने लुक के
लिए तैयार होने में 2 से 3 घंटे लग जाते हैं। असल में, इस शो की शूटिंग शुरू होने के बाद से मेरी बॉडी
लैंग्वेज में पूरी तरह से बदलाव आ गया।

हमें सुना है कि पहले आप इस भूमिका को लेकर संशय में थी, बाद में किस वजह से आपका मन बदल
गया?
आरंभ में, मुझे कुछ संशय था लेकिन स्क्रीन पर खुद को देखने के बाद, यह जिस तरह से सामने आया
उससे मैं पूरी तरह से आश्चर्यचकित रह गई। साथ ही हम जो कड़ी मेहनत कर रहे थे उसके लिए मुझे
बहुत सी बधाइयां और प्रशंसा भी मिली, जिसने मुझे काफी प्रोत्साहित किया और मेरा यह विश्वास दृढ़ हो
गया कि यह रोल मेरे लिए बिल्कुल सही है। टेलीविजन उद्योग मेरा सफर बहुत लग रहा है और यह
काफी कुछ सीखने व आगे बढ़ने वाला अनुभव रहा है। एक ऐतिहासिक शो करना चुनौतीपूर्ण और
रोमांचक दोनों ही रहा है।

आप एक अंतराल के बाद टेलीविजन पर वापसी कर रही हैं, तो आपको टेलीविजन से किसने दूर रखा था?
मैं टेलीविजन से दूर नहीं गई हूं हालांकि मैंने कुछ समय के लिए ब्रेक लिया था। लगभग 9-10 महीने
पहले अनुसूया की भूमिका के लिए स्वास्तिक प्रोडक्शन ने मुझे साइन किया था, और असल में मैं इससे
जुड़ने वाली पहली शख्स थी। इस भूमिका से पहले भी मैंने स्वास्तिक के साथ काम किया है और
भाग्यशाली महसूस करती हूं कि इस भूमिका के लिए उन्होंने एक ही बार में मुझे चुन लिया। यह भूमिका
निश्चित रूप से एक चुनौतीपूर्ण भूमिका है और यह पहली बार है कि मैं टेलीविजन पर एक मां की
भूमिका निभाउंगी।

यह शो उन बाकी शोज़ से किस तरह से अलग है जो आपने पूर्व में किए हैं?
जैसा कि मैंने पहले भी कहा था, पोरस मेरा पहला ऐतिहासिक शो है। मैंने इससे पहले कभी भी इतिहास
से दूर-दूर से जुड़ी हुई कोई भी चीज नहीं की है। यह भूमिका मेरे लिए बराबर रूप से चुनौतीपूर्ण और
रोमांचक रही है। सच कहूं तो पोरस की तुलना भारतीय टेलीविजन पर दिखाए गए किसी भी ऐतिहासिक
या पौराणिक शो से नहीं की जा सकती। मैं जिंदगी में जो भी करती हूं, निजी और व्यवसायिक दोनों तौर
पर, उसे लेकर काफी आश्वस्त रहती हूं। मैं खुद को हर शो में और विभिन्न किरदारों में फिट बैठते हुए
नहीं देखती हूं। इस तरह से, मैं जो भी भूमिकाएं सुनती हूं उसे लेकर काफी चयनशील हूं।

आप टेलीविजन में जितने भी किरदार निभाए हैं वह काफी अलग रहे हैं, हमें इसके बारे में बताएं?

हां, मैं काफी धन्य महसूस करती हूं कि मैं इतने सारे अलग—अलग किरदार करने में सक्षम हुई हूं। मैं
काफी भाग्यशाली हूं कि पोरस जैसे बड़े ऐतिहासिक शो का हिस्सा बन पाई। इस शो के बारे में सबकुछ,
भले ही वह लोकेशन, सेट्स, विजुअल्स, परिधान, ज्वेलरी या सिनेमाटोग्राफी हो, यह सर्वश्रेष्ठ है!

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