रामा का अपहरण

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Raja Chaudhary as Dimdina in Sony SAB's Tenali Rama

इस सप्ताह विजयनगर में एक नई कहानी का आरंभ होने जा रहा है। रामा और गुंडप्पा स्वादिष्ट नाश्ता करने बाजार जाते हैं। गुंडप्पा बाजार में देखता है कि दो लोग किसी बात को लेकर झगड़ कर रहे हैं, वे धोखे से गुंडप्पा को रूमाल सूंघा देते हैं। इसके बाद रामा और गुंडप्पा दोनों का अपहरण कर लेते हैं। जब रामा की आंख खुलती है तो वह खुद को किसी अनजान जगह पर पाता है। उसकी मुलाकात अपने अपहरणकर्ता साम्भुव से होती है, वह एक समुद्री लुटेरा है और एक जाने-माने समुद्री लुटेरे का बेटा। साम्भुव, रामा को उसके पूरे परिवार के साथ अपहरण कर लेता है ताकि वह रामा की बुद्धि का उपयोग कर सके। वह रामा की बुद्धि का प्रयोग अपने पिता द्वारा कहीं छुपाये गये खजाने की तलाश करवाने के लिये करना चाहता है।

हालांकि, रामा रात के समय भागने की योजना बनाता है। लेकिन वह पकड़ा जाता है और साम्भुव अपने लोगों से उन सबको नाव से बाहर फेंक देने का आदेश देता है। रामा उनकी मदद करने का वादा करते हुए सबकी जान बचा लेता है।

रामा को एक के बाद एक तीन कठिन पहेलियां सुलझाने को दी जाती हैं। वह पहली पहेली को सुलझा लेता है, जो उन्हें एक पुराने आईने तक ले जाता है। वह आईना साम्भुव के पिता का है। रामा दूसरी पहेली को भी सुलझा लेता है, जिसके बाद वे सभी गोमादक टापू पर पहुंच जाते हैं। उस टापू पर रामा को सांकी दिमडिना के बारे में पता चलता है, जोकि चौरस का बहुत बड़ा खिलाड़ी है। यदि उस टापू पर कोई भी ‘शंख’ बजाता है तो इससे यह तय हो जाता है कि वह दिमडिना को प्रतियोगिता के लिये चुनौती दे रहा है। पेंटिंग पर रामा को तीसरी पहेली का हल मिलता है, जो उन्हें पास के एक मंदिर में पहुंचा देता है। क्या पहेलियों का यह खेल कभी खत्म होगा? क्या रामा साम्भुव के लिये खजाना ढूंढ़ पायेगा?

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