शुरुआत छोटे लक्ष्यों से करें : मंदिरा बेदी

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Mandira Bedi with her son Vir practicing for 2nd Durathon

मुंबई में मैराथन के मौसम की शुरुआत सर्दियों के आगमन के साथ होती है। पूरी मुंबई में मैराथन दौड़ें विभिन्न श्रेणियों में आयोजित होती हैं। दौड़ने को सबसे बढ़िया व्यायाम माना जाता है और माता-पिता को अपने बच्चों के साथ 2-के और 5-के मैराथन दौड़ने का मौका मिलने से बेहतर क्या हो सकता है! यह भारत में अपनी तरह की एकमात्र मैराथन है। इसे ड्यूरासेल ड्यूराथन कहा जाता है। जानी-पहचानी शख्सियत और फिटनेस एक्सपर्ट मंदिरा बेदी जल्द ही 25 नवंबर को मुंबई स्थित बीकेसी के जियो गार्डंस में आयोजित ड्यूराथन के तीसरे संस्करण में हिस्सा लेंगी। वे अपने 7 साल के बेटे वीर के साथ दौड़ेंगी। जैसा कि मंदिरा और वीर ड्यूराथन को लेकर तैयार हैं, मंदिरा ने सेहतमंद होने के लिए अपने जीवन के तमाम पहलुओं में परिवार को शामिल करने के महत्व और फिटनेस को लेकर अपने जुनून के बारे में बात की।

हमें ड्यूरासेल ड्यूराथन 2018 से अपने जुड़ाव के बारे में बताएं?

यह ड्यूराथन से मेरा तीसरी बार जुड़ाव है और मुंबई ड्यूराथन में मैं दूसरी बार दौड़ने जा रही हूं। मैंने पिछले साल दिल्ली ड्यूराथन में भी भाग लिया था। कोई एक रविवार अपने बेटे के साथ बिताना और इतने सारे परिवारों को साथ घुल-मिलकर दौड़ते, एक-दूसरे के साथ जुड़ाव बनाते और साथ-साथ स्वस्थ बने रहने के उद्देश्य से भरे देखना वाकई अद्‌भुत अहसास है।

ड्यूरासेल ड्यूराथन की अवधारणा के बारे में आपकी क्या राय है?

मेरा ख्याल है कि यह पहल शानदार है। आमतौर पर दौड़ना अकेले का खेल है। यह ऐसा कुछ है जो आप अकेले करते हैं। लेकिन ड्यूराथन के बारे में खूबसूरत बात यह है कि यह परिवारों को साथ-साथ रहने, एक साथ हिस्सा लेने, जुड़ाव बनाने और एक रविवार की सुंदर सुबह का आनंद लेते हुए कुछ ऐसा करने के लिए आमंत्रित करता है जिसका उद्देश्य सेहतमंद होना है।

आजकल ज्यादातर बच्चों की जीवनशैली बहुत ही सुस्त हो गई है, ऐसे में माता-पिता को अपने बच्चों को ज्याद फिट या सक्रिय बनाने के लिए क्या करना चाहिए?

यह वाकई सच है कि बच्चे बहुत ही सुस्त जीवनशैली पर चल रहे हैं। छोटे बच्चे बस टेलीविजन ही देखते रहना चाहते हैं या वे वीडियो गेम के आदी हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि माता-पिता को इस बात पर जोर देना होगा कि थोड़े समय का खेलकूद घर के बाहर भी होना चाहिए। बच्चे पार्क में जा सकते हैं और वहां चारों तरफ दौड़-भाग कर सकते हैं। इससे पहले कि तकनीक उनकी जिंदगी पर हावी हो जाए, उन्हें बचपन का असली आनंद लेने की जरूरत है। अभिभावकों को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि उनके बच्चे घर के बाहर एक ठीक-ठाक मात्रा में समय बिताएं और इस दौरान ऐसे काम करें जिसमें अधिक से अधिक सक्रिय रहने की जरूरत होती है।

आपका फिटनेस मंत्र क्या है?

मुझे वर्जिश और वर्कआउट करने में वाकई आनंद आता है, इसलिए मैं सुनिश्चित करती हूं कि हफ्ते में कम से कम पांच से छह दिन, यदि मैं भाग्यशाली हूं तो छह दिन, किसी न किसी तरह की गतिविधियां अवश्य करूं, फिर चाहे वह जिम जाना हो या तैरना। जब मैं सफर पर होती हूं और घर के अंदर समय बर्बाद नहीं करना चाहती, तो मैं पक्का करती हूं कि मैं खूब चलूं। इसलिए, जिन जगहों पर मुझे जाना होता है, वहां मैं पैदल ही जाती हूं। और यात्रा के दौरान मैं हर दिन किसी न किसी तरह करीब 15,000 कदम चल ही लेती हूं। महत्वपूर्ण बात यह है कि सप्ताह में पांच से छह दिन सक्रिय होना मायने रखता है। इसके अलावा, जहां तक पोषण की बात है, तो यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है। मैं लंबे समय से किसी पोषण विशेषज्ञ के पास नहीं गई हूं। स्वास्थ्यवर्धक चीजें खाएं। आप जानते हैं कि आपके लिए क्या अच्छा है, और यह भी जानते हैं कि आपके लिए क्या बुरा है। खराब चीजों से दूर रहें। चीनी बिल्कुल आपके लिए कतई अच्छी नहीं है। मुझे कुछ-कुछ समय के लिए चीनी छोड़नी होती है, क्योंकि यह मेरे लिए गिरावट की तरह है। मैं आलू से भी दूर ही रहती हूं। मैं अपने दोपहर के भोजन के बाद किसी भी तरह के कार्बोहाइड्रेट्स से दूर रहती हूं। तो, ये कुछ चीजें हैं जो आप स्वयं को फिट रखने के लिए कर सकते हैं। यही मेरा फिटनेस मंत्र है। मैं सप्ताह में पांच से छह दिन व्यायाम करती हूं और आमतौर पर मेरा खानपान स्वास्थ्यवर्धक होता है। बेशक, कभी-कभार मैं कुछ चटपटा, मसालेदार लजीज भी खा लेती हूं, लेकिन फिर जितनी जल्दी हो सके मैं अपनी सेहतमंद दिनचर्या पर लौट आती हूं।

आप यह कैसे सुनिश्चित करती हैं कि आपका परिवार चुस्त-दुरुस्त बना रहे?

वर्जिश को लेकर मेरी अपने पति के साथ खूब बहस होती है और वे कभी-कभार ही वह करते हैं जो उन्हें करना चाहिए, शायद सप्ताह में दो या तीन दिन ही। लेकिन अपने बेटे के लिए, मैं सुनिश्चित करती हूं कि उसे जो करने में मजा आता है, वह जरूर करे। उसे दौड़ने में आनंद आता है, इसलिए हम दोनों दौड़ने जाते हैं। हम बहुत लंबी नहीं, छोटी-छोटी दूरियों तक दौड़ते हैं। इस दौरान मैं धीरे-धीरे दौड़ती हूं ताकि वह मेरे साथ बराबर बना रह सके। उसे तैरने में भी मजा आता है। पूल में तैराकी का एक घंटा उसे बहुत थका देता है और उसे जमकर भूख लग जाती है। वह एक बहुत सक्रिय बच्चा है।

कसरत का आपका पसंदीदा रूप कौन-सा है?

मैं हिट (हाई इंटेंसिटी इंटरमिटेन एक्सरसाइज – एचआईआईटी) का एक फॉर्म करती हूं, जिसमें कार्डियो और वेट्स का मेल होता है। मैं अक्सर ऐसा करती हूं। मैं कभी-कभी दौड़ने भी जाती हूं। मैं जो तीसरी चीज करती हूं, वह है तैराकीइसलिए, जहां तक मेरी एक्सरसाइज का सवाल है, मैं इन तीन गतिविधियों का अभ्यास सबसे ज्यादा करती हूं।

क्या कोई खास एक्टिविटी भी है, जिसे आप और आपका परिवार फिट बने रहने के लिए साथ-साथ करते हैं?

जैसा कि मैंने पहले बताया, फिट रहने के लिए मेरा बेटे और मैं साथ-साथ जो दो एक्टिविटीज करते हैं, वे हैं दौड़ना-धीमी जॉगिंग और तैराकी।

चुस्त-दुरुस्त बने रहने के लिए दौड़ने वाले लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है। दौड़ने वालों के लिए आपकी सलाह क्या है?

मैं दौड़ने वालों को यही सलाह दूंगी कि वे धीमे-धीमे शुरुआत करें। मन में एक छोटा लक्ष्य रखकर शुरू करें और उसे बढ़ाते रहें। मुझे याद है, तब मैं गर्भवती थी। बच्चे को जन्म देने के बाद मैं फिर से दौड़ना शुरू करना चाहती थी, लेकिन तब मेरा वजन काफी बढ़ा हुआ था और दौड़ने पर मेरे घुटनों पर बहुत जोर पड़ता था। तो, मैंने पांच मिनट दौड़ने से शुरुआत की, फिर उसे सात तक बढ़ाया और फिर दस मिनट तक ले आई। तो, धीमी शुरुआत करें, छोटे लक्ष्यों से करें और उन लक्ष्यों को धीरे-धीरे बढ़ाते रहें। समय के साथ आप पाएंगे कि आप बेहतर हो रहे हैं।

 

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