स्टार प्लस और टेड द्वारा TED Talks India Nayi Soch के साथ एक नयी अद्भभुत कहानी

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TED Talks India Nayi Soch

TED Talks India Nayi Soch, स्टार प्लस और टेड की एक पहल है। इसका उद्देश्य ऐसे
परिवर्तकारी आइडियाज को लोगों के सामने लाना है, जिन्हें बताये जाने की जरूरत है
और जिनमें दुनिया को देखने के दर्शकों के नजरिये को बदलने की ताकत है। इस शो का
प्रसारण 10 दिसंबर से शुरू हो रहा है। बॉलीवुड के अभिनेता शाहरुख खान इस शो
को होस्ट कर रहे हैं। इस शो के माध्यम से कुछ सबसे देशी एवं विविधतापूर्ण वक्ताओं
की पेशकश की जा रही है। ये वक्ता अरबों दर्शकों को प्रेरणा देंगे। शुरुआती एपिसोड में
एक ऐसे ही स्पीकर अनिरुद्ध शर्मा हैं। वे ग्रैविकी लैब्स में एक वैज्ञानिक और खोजकर्ता
हैं, जिन्होंने ‘कालिंक’ को विकसित किया है। यह एक रेट्रोफिट टेक्नोलॉजी है, जो
गाड़ियों या चिमनी से निकलने वाले कार्बन उत्सर्जन को हमारे वायुमंडल में पहुंचने से
पहले ही कैप्चर कर लेता है और उन्हें पुनर्चक्रित कर इस्तेमाल होने योग्य स्याही में
पुनर्चक्रित कर देता है। अपनी तरह की पहली अनूठी मार्केटिंग पहल के तहत स्टार
प्लस ने मुंबई और दिल्ली में होर्डिंग्स लगवाई है, जिनका निर्माण एयर-इंक द्वारा
किया गया है, जोकि स्पीकर की पहल है। शो के पहले एपिसोड का प्रसारण स्टार
प्लस और हॉटस्टार के साथ ही एक ही समय पर स्टार प्लस, मूवीज ओके, स्टार वर्ल्ड,
स्टार प्रवाह, स्टार जलसा पर भी किया जायेगा।

फ्लुईड इंटरफेसेज ग्रुप, मॅसचुएट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से ग्रेजुएट अनिरुद्ध ने
ऑगमेंटेड रियलिटी (संवंर्धित वास्तविकता) तथा इंसानों व मशीनों के बीच संबंधों को
बेहतर बनाने पर व्यापक अनुसंधान किया है। टेड टॉक्स इंडिया नई सोच में स्पीकर के
रूप में अपने अनुभव बताते हुये उन्होंने कहा, ‘इस तरह की एक पहल का हिस्सा
बनकर हमें बेहद गर्व हो रहा है। यदि आपके आइडियाज अरबों अन्य लोगों की
कल्पनाओं को प्रेरित कर सकते है, तो इससे ज्यादा आपको और क्या चाहिये। इसके
साथ ही शाहरूख खान जैसी दिग्गत शख्सियत के साथ मंच साझा करने का अवसर
पाकर भी मैं बेहद खुश हूं। मुझे खुशी है कि स्टार प्लस ने मुझे हमारी पहल को दुनिया
के अरबों लोगों के सामने प्रदर्शित करने का एक अवसर प्रदान किया।

अपनी आविष्कार के बारे में बताते हुये, अनिरुद्ध ने आगे कहा, ‘‘प्रदूषण फैलाने वाले
कणों से बनी इस पुनर्चक्रित स्याही के निर्माण के आइडिया की उत्पत्ति इस तथ्य से हुई
है कि पिछले 100 वर्षों में हमने इंसानों को चांद पर भेजा, लेकिन तकनीक रूप से
उन्नत बनने की इस भागदौड़ में हमने प्रकृति को नष्ट कर दिया है। मैं बचपने से ही

उन्नत तकनीक का इस्तेमाल एक बदलाव और हमारी समस्याओं के समाधान की
पेशकश करने में करना चाहता था। मैं जीवाशम ईंधन स्रोतों जेसे कि पेट्रोल, डीजल
और अन्य द्वारा निर्मित प्रदूषण को पुनर्चक्रित करने में सक्षम होना चाहता हूं। इससे
प्रदूषण घटेगा और स्वच्छ हवा उपलब्ध हो पायेगी। इसका उद्देश्य लोगों को यह
विश्वास दिलाना था कि वायु प्रदूषण को यदि उपयुक्त तरीके से पुनर्चक्रित किया जाये,
तो उसे एक संसाधन के रूप में देखा जा सकता है। 30 एयर-इंक पेन में से प्रत्येक पेन
का निर्माण डीजल कार से लगभग 40-50 मिनट में निकलने वाले प्रदूषण को
पुनर्चक्रित कर किया गया था।

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